Uttarakhand

सहसपुर में गरजे CM धामी, कहा— “सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटेगी जनता, अब सरकार खुद पहुंचेगी आपके द्वार”

सहसपुर: “लोकतंत्र में जनता ही सबसे ऊपर है और सुशासन का असली मतलब वही है जहां प्रशासन संवेदनशील और जवाबदेह हो।” यह बात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को श्री गुरु रामराय पब्लिक स्कूल, सहसपुर में आयोजित ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ महाशिविर में कही। ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण’ कार्यक्रम के तहत लगे इस बहुउद्देशीय शिविर में मुख्यमंत्री ने साफ किया कि उनकी सरकार का एकमात्र मकसद आम जनता की दिक्कतों को दूर करना है, ताकि उन्हें छोटे-छोटे कामों के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।

बानगी सुशासन की: मंच से ही अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश
शिविर में मुख्यमंत्री सिर्फ भाषण देने नहीं पहुंचे, बल्कि उन्होंने जनता की समस्याओं पर तुरंत ऑन-द-स्पॉट फैसले लिए। मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता की कुछ प्रमुख मिसालें इस प्रकार रहीं:

तुरंत मिली सिलाई मशीन: स्थानीय निवासी बबली गुप्ता ने जूट बैग बनाने के लिए सिलाई मशीन की मांग की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घुड़की देते हुए कहा, “इन्हें आज ही सिलाई मशीन उपलब्ध कराई जाए।”

2 महीने में लगेंगी सोलर लाइट: कारबारी ग्रांट की सुमन बासकंडी ने इलाके में 30 सोलर लाइटें लगाने की मांग रखी, जिस पर सीएम ने एमडीडीए (MDDA) को 2 महीने के भीतर काम पूरा करने का जिम्मा सौंपा।

15 दिन में राजस्व समस्या का हल: यशपाल सिंह नेगी ने अटकफार्म और सेंट्रल होपटाउन में बंदोबस्त कार्य रुकने की शिकायत की, जिस पर मुख्यमंत्री ने सीधे राजस्व सचिव को 15 दिनों के भीतर समाधान निकालने का अल्टीमेटम दिया।

श्मशान घाट और पार्क निर्माण: भाऊवाला पुल के पास श्मशान घाट निर्माण के लिए एमडीएम को 2 महीने का समय दिया गया। वहीं, भगवानपुर बहुगुणा मार्ग में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर पार्क और ओपन जिम बनाने के निर्देश भी एमडीडीए को दिए गए।

स्वास्थ्य सुविधाओं पर एक्शन: ग्राम बडोवाला में डिस्पेंसरी और एंबुलेंस की मांग पर स्वास्थ्य विभाग को एक महीने के भीतर जरूरी कार्रवाई करने के आदेश दिए।

आंकड़ों में देखिए अभियान की भारी सफलता
मुख्यमंत्री धामी ने मंच से इस महाअभियान के अब तक के शानदार और जमीनी आंकड़े भी जनता के सामने रखे:

पहले चरण का दम: शुरुआती 65 दिनों के भीतर पूरे प्रदेश में लगभग 700 जनसेवा शिविर लगाए गए, जिनमें 5 लाख से अधिक लोग शामिल हुए। अकेले देहरादून जिले के 46 शिविरों में 60 हजार से ज्यादा लोग आए और 39 हजार लोगों की समस्याओं का मौके पर ही निपटारा हुआ।

सेवा पखवाड़े का असर: 4 जुलाई से शुरू हुए इस विशेष पखवाड़े में अब तक 64 हजार से अधिक नागरिक हिस्सा ले चुके हैं। इस दौरान मिली 5,567 जनसमस्याओं में से 4,951 का तत्काल समाधान किया जा चुका है।

“उत्तराखंड का दशक” बनाने की ओर तेजी से बढ़ते कदम
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को याद करते हुए कहा कि 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का ही है। आज राज्य में सड़कों का जाल, बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और रिकॉर्ड निवेश आ रहा है।

उन्होंने सरकार की पीठ थपथपाते हुए कहा कि यूसीसी (UCC) लागू कर जहां सामाजिक न्याय सुनिश्चित किया गया है, वहीं देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून बनाकर 34 हजार से अधिक युवाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ सरकारी नौकरियां दी गई हैं। भ्रष्टाचार पर सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति आगे भी इसी तरह जारी रहेगी।

शिविर में ये सभी वरिष्ठ जन रहे मौजूद
सहसपुर के इस भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, स्थानीय विधायक सहदेव सिंह पुंडीर, दायित्वधारी विनय रोहिला, पुनीत मित्तल, ओमवीर सिंह, भुवन विक्रम डबराल उपस्थित रहे। प्रशासनिक अमले से मुख्यमंत्री के अपर सचिव बंशीधर तिवारी, देहरादून के जिलाधिकारी (DM) डॉ. आशीष चौहान, एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल और सीडीओ अभिनव शाह सहित सभी जिलास्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

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