
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मतदाता सूची के शुद्धिकरण को लेकर एक बड़ा और कड़ा बयान दिया है। मुख्यमंत्री ने साफ तौर पर कहा कि प्रदेश में चल रही ‘एसआईआर’ (SIR) की प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और सही तरीके से होनी चाहिए, ताकि केवल और केवल पात्र लोगों के नाम ही वोटर लिस्ट में शामिल रहें। सीएम धामी ने आगे यह भी स्पष्ट किया कि राज्य में अवैध रूप से घुसपैठ करने वाले, संदिग्ध परिस्थितियों में रहने वाले और जिन लोगों का उत्तराखंड से कोई लेना-देना नहीं है, उनके नाम मतदाता सूची से काटे जाएंगे। इसके साथ ही जो लोग अब इस दुनिया में नहीं हैं (मृतक), उनके नाम भी वोटर लिस्ट से हटाए जाएंगे ताकि इस पूरी प्रक्रिया का शुद्धिकरण हो सके और आने वाले समय में एक सही, सटीक और वास्तविक आंकड़ा सामने निकल कर आए।
‘SIR’ प्रक्रिया में 100% पारदर्शिता पर जोर
राजधानी देहरादून में मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य की लोकतांत्रिक प्रणाली को मजबूत करने के लिए मतदाता सूची के पुनरीक्षण (Revision) पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रदेश में वर्तमान में संचालित की जा रही ‘एसआईआर’ (SIR) की प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर ढिलाई या पक्षपात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
संदिग्धों और घुसपैठियों पर गिरेगी गाज
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की जनसांख्यिकी (Demography) और सुरक्षा का हवाला देते हुए कहा कि राज्य में कई ऐसे तत्व सक्रिय हैं जिनका प्रदेश से कोई वैध या ऐतिहासिक संबंध नहीं है। संदिग्ध परिस्थितियों में रह रहे और राज्य में अवैध रूप से पैठ बनाने वाले लोगों की पहचान की जा रही है। ऐसे सभी व्यक्तियों के नाम मतदाता सूची से तुरंत हटाए जाएंगे, जिनके पास राज्य का वैध नागरिकता आधार या पात्रता नहीं है।
मृतकों के नाम हटाने के लिए चलेगा अभियान
शुद्धिकरण अभियान के तहत केवल बाहरी तत्वों पर ही नहीं, बल्कि तकनीकी खामियों को सुधारने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। अक्सर देखा जाता है कि कई मृत व्यक्तियों के नाम सालों तक मतदाता सूची में दर्ज रहते हैं, जिसका दुरुपयोग होने की आशंका बनी रहती है। सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि सत्यापन अभियान चलाकर ऐसे सभी नामों को सूची से हटा दिया जाएगा।



