
देहरादून: मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को जी.एम.एस. रोड स्थित एक स्थानीय होटल में आयोजित ‘संविधान हत्या दिवस’ कार्यक्रम में शिरकत की। इस भावुक और गौरवमयी गरिमा वाले कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने देश में लोकतंत्र की दोबारा बहाली के लिए लड़ने वाले लोकतंत्र सेनानियों (आपातकाल के बंदियों) और उनके परिजनों को सम्मानित किया।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “25 जून 1975 को लगाया गया आपातकाल हमारे देश के इतिहास का वो काला पन्ना है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। तत्कालीन सरकार ने सिर्फ अपनी सत्ता बचाने के लिए आम नागरिकों की आजादी छीन ली, मीडिया की आवाज पर ताला लगा दिया और हमारे संविधान की आत्मा को चोट पहुंचाई।”
संघर्ष और त्याग को सलाम
मुख्यमंत्री ने आपातकाल के दौर को याद करते हुए कहा कि आज हम जिस खुली हवा और लोकतांत्रिक व्यवस्था में सांस ले रहे हैं, वह इन लोकतंत्र सेनानियों के कड़े संघर्ष, त्याग और साहस की ही देन है। उन्होंने सभी सेनानियों के आगे शीश नवाते हुए कहा कि उनका यह योगदान सिर्फ अतीत की बात नहीं है, बल्कि हमारी वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के लिए राष्ट्र सेवा की एक बड़ी प्रेरणा है।
“भारत का संविधान हर नागरिक को खुलकर अपनी बात रखने और जीने का अधिकार देता है। आपातकाल में इन अधिकारों को कुचलने की पूरी कोशिश हुई, लेकिन देश की जागरूक जनता ने लोकतंत्र की ताकत से इसका करारा जवाब दिया।” — पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री
कागजों पर ही नहीं, जमीन पर भी सम्मान (पेंशन में बढ़ोतरी)
मुख्यमंत्री ने साफ किया कि उत्तराखंड सरकार इन सेनानियों के कल्याण के लिए केवल बातें नहीं कर रही, बल्कि धरातल पर भी कदम उठा रही है। सरकार द्वारा किए गए प्रयासों को रेखांकित करते हुए उन्होंने बताया:
सम्मान निधि में वृद्धि: साल 2023 में लोकतंत्र सेनानियों की मासिक सम्मान निधि को 16 हजार रुपये से बढ़ाकर 20 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है।
विशेष पहचान: आपातकाल के दौरान जेल की यातनाएं सहने वाले सेनानियों और उनके जीवनसाथी (आश्रितों) के लिए विशेष पहचान-पत्र जारी किए गए हैं ताकि उन्हें हर जगह उचित सम्मान मिल सके।
‘राष्ट्र प्रथम’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ने का आह्वान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए सीएम धामी ने कहा कि आज केंद्र सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका प्रयास’ के मंत्र के साथ काम कर रही है। विकास की योजनाएं आज समाज के आखिरी छोर पर खड़े व्यक्ति (अंत्योदय) तक पहुंच रही हैं।
उन्होंने अंत में भावुक अपील करते हुए कहा कि लोकतंत्र सेनानियों के इस संघर्ष की गाथा को नई पीढ़ी तक ले जाना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। आइए, हम सब मिलकर ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना को जिएं और एक ‘विकसित भारत’ व ‘श्रेष्ठ उत्तराखंड’ के सपने को सच करें।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद:
इस ऐतिहासिक पल के गवाह बनने वालों में राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी, श्री खजान दास, विधायक श्रीमती सविता कपूर, श्री उमेश शर्मा काऊ, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री शैलेन्द्र बिष्ट, प्रदेश महामंत्री श्री कुंदन परिहार और महानगर अध्यक्ष श्री सिद्धार्थ अग्रवाल सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।



