Uttarakhand

सीएम धामी ने किया “समावेशी शिक्षा मिशन-2030” का शुभारंभ

देहरादून: मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को राजपुर रोड स्थित एक निजी होटल में शाइन अवी लर्निंग के “समावेशी शिक्षा मिशन-2030” का भव्य शुभारंभ किया। इस खास मौके पर मुख्यमंत्री ने विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (दिव्यांग छात्र-छात्राओं) के लिए तैयार किए गए ‘विजुअल लर्निंग करिकुलम’ पर आधारित विभिन्न आधुनिक पुस्तकों और शिक्षण सामग्री का विमोचन भी किया।

मुख्यमंत्री ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि शाइन अवी लर्निंग का यह प्रयास शिक्षा को अधिक सरल, प्रभावी और समावेशी बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020: रटने के बजाय समझने पर ध्यान
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने शिक्षा के प्रति केंद्र और राज्य सरकार के विजन को रेखांकित किया:

सर्वोच्च प्राथमिकता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में लागू की गई ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020’ बच्चों को सिर्फ परीक्षा पास करने के लिए नहीं, बल्कि उन्हें समझने, सोचने, नए नवाचार (Innovation) करने और आत्मविश्वास के साथ जीवन में आगे बढ़ने के योग्य बनाती है।

मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर: उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब, पीएम श्री विद्यालय, अटल उत्कृष्ट विद्यालय और डिजिटल शिक्षण सामग्री को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है।

सुगम सुविधाएं: विशेष बच्चों की सहूलियत के लिए स्कूलों में रैम्प, रेलिंग, सुगम शौचालय, अनुकूलित फर्नीचर और स्वच्छ पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया गया है।

विशेष बच्चों के लिए धरातल पर उतरे प्रयास
मुख्यमंत्री ने राज्य में विशेष शिक्षा के आंकड़ों को साझा करते हुए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई:

आंकड़ों में विशेष शिक्षा का ढांचा:

वर्तमान में राज्य के विभिन्न स्कूलों में लगभग 5,800 विशेष आवश्यकता वाले बच्चे पंजीकृत हैं।

सरकार द्वारा संचालित 11 विशेष विद्यालयों के जरिए 1,300 से अधिक बच्चों को विशेष शिक्षण और पुनर्वास (Rehabilitation) की सुविधाएं दी जा रही हैं।

प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर 300 से अधिक विशेष शिक्षकों (Special Educators) की नियुक्ति की जा चुकी है, और बाकी बचे खाली पदों पर भी भर्ती प्रक्रिया तेजी से जारी है।

‘रिवर्स पलायन’ की मिसाल बनीं श्रीमती अनीता शर्मा
मुख्यमंत्री ने इस मिशन की प्रणेता और शिक्षाविद श्रीमती अनीता शर्मा और उनकी पूरी टीम को विशेष बधाई दी। उन्होंने कहा कि श्रीमती अनीता ने विदेश से उत्तराखंड लौटकर (रिवर्स पलायन) शिक्षा के क्षेत्र में जो यह अनूठा नवाचार किया है, वह दुनिया भर में रह रहे उत्तराखंड के अन्य प्रवासियों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है। उन्होंने आह्वान किया कि हम सभी को अपनी जड़ों की ओर लौटकर अपनी विरासत और सभ्यता को आगे बढ़ाना चाहिए।

हर क्षेत्र में नजीर बन रहा है उत्तराखंड
सीएम धामी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड आज पूरे देश के लिए नीतिगत मामलों में एक उदाहरण बनकर उभर रहा है। चुनौतियों के बावजूद राज्य विकास के पथ पर अग्रसर है:

समान नागरिक संहिता (UCC): उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना जहां यूसीसी को लागू किया गया।

सतत विकास लक्ष्य (SDG): देश की सतत विकास लक्ष्यों की सूची में उत्तराखंड ने प्रथम स्थान हासिल कर अपनी प्रशासनिक कार्यकुशलता साबित की है।

सख्त नकल विरोधी कानून: युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ रोकने के लिए राज्य सरकार ने देश का सबसे कड़ा नकल विरोधी कानून लागू किया है।

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