
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जौनसार बावर के पारंपरिक लोक सांस्कृतिक महोत्सव में शिरकत की। कार्यक्रम की शुरुआत में उन्होंने क्षेत्र के महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय श्री केदार सिंह की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री ने जौनसार बावर की अनूठी सांस्कृतिक विरासत की सराहना करते हुए कहा कि यहाँ की सरलता, आत्मीयता और प्रकृति के प्रति सम्मान पूरे उत्तराखंड की पहचान है। उन्होंने कहा कि “जौनसार के रासो की थाप, हारूल की गूंज और बौंद जैसी महान परंपराएं” सिर्फ राज्य ही नहीं, बल्कि पूरे देश का गौरव हैं।
मुख्यमंत्री द्वारा की गई महत्वपूर्ण घोषणाएं
क्षेत्र के चहुंमुखी विकास के लिए मुख्यमंत्री धामी ने मंच से कई बड़ी और जनोपयोगी घोषणाएं कीं:
सड़क और कनेक्टिविटी: समरजेंस मोटर मार्ग का चौड़ीकरण और डामरीकरण किया जाएगा। क्यारापुल-डामटा-म्यूँडा मोटर मार्ग (किमी 22) से छामरी एवं जाखणी तक तथा विकासखंड कालसी के ग्राम सकरोल से ग्राम भोड़ा-भालनू होते हुए द्वितीय सिद्धपीठ श्री महासू महाराज थैना तक नए मोटर मार्गों का निर्माण होगा। इसके साथ ही द्वीना से बिसोई खुना अलमान तक नया संपर्क मार्ग बनेगा। चकराता ब्लॉक के बागी खेड़ा-कोटा-तपलाड मार्ग में यमुना नदी पर 60 मीटर स्पैन पुल का निर्माण किया जाएगा। प्राथमिक विद्यालय नागथात को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर ‘आदर्श विद्यालय’ के रूप में विकसित किया जाएगा। चकराता के ग्राम खबऊ (खेड़ा रमारका-कुन्ना-बुराष्टी) में पेयजल किल्लत दूर करने के लिए यमुना नदी से पंपिंग पेयजल योजना बनाई जाएगी।
चकराता और सीमांत क्षेत्रों के लिए बड़े बजट की योजनाएं
सड़कों का सुदृढ़ीकरण: पूरे क्षेत्र के रोड नेटवर्क को अपग्रेड करने के लिए ₹1,300 करोड़ से ज्यादा की योजनाओं पर काम चल रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग 707 और 707A का चौड़ीकरण युद्धस्तर पर जारी है। कालसी-चकराता मार्ग पर जजरेड के पास होने वाले भूस्खलन की समस्या का स्थायी तकनीकी समाधान किया जा रहा है। न्यू चकराता टाउनशिप हय्यो डांडा पंपिंग योजना पर ₹229 करोड़ की लागत से काम चल रहा है, जिससे भविष्य में क्षेत्र में पानी की कोई कमी नहीं होगी। प्रसिद्ध धार्मिक स्थल श्री महासू देवता मंदिर परिसर के भव्य और सुनियोजित विकास के लिए ₹120 करोड़ का मास्टर प्लान धरातल पर उतारा जा रहा है। चकराता के विकास के लिए स्वीकृत ₹39 करोड़ की 56 योजनाओं में से 51 पूरी हो चुकी हैं, और शेष 5 भी जल्द पूरी होंगी।
जनजातीय (Tribal) कल्याण के लिए ऐतिहासिक कदम
जनजातीय समाज के सामाजिक और शैक्षिक उत्थान के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों की जानकारी देते हुए सीएम ने कहा राज्य सरकार ने अब हर साल ‘जनजातीय खेल महोत्सव’ आयोजित करने का निर्णय लिया है। पीएम जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान: इस केंद्रीय योजना के तहत उत्तराखंड के 128 जनजातीय गांवों को चिन्हित किया गया है, जहाँ सड़क, बिजली, पानी और इंटरनेट जैसी हर बुनियादी सुविधा पहुंचाकर कायाकल्प किया जा रहा है। कालसी, मेहरावना, बाजपुर और खटीमा में इनका सफल संचालन हो रहा है, जबकि बाजपुर और चकराता में नए भवनों का निर्माण जारी है। इसके साथ ही 16 राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय भी शिक्षा की अलख जगा रहे हैं।
आर्थिक सहायता और स्कॉलरशिप: जनजातीय समाज के बच्चों को प्राथमिक से लेकर पीजी (Postgraduate) स्तर तक छात्रवृत्ति दी जा रही है। वहीं, जनजातीय समुदाय की बेटियों के विवाह के लिए ₹50,000 की आर्थिक सहायता दी जा रही है। जनजातीय शोध संस्थान को मजबूत करने के लिए ₹1 करोड़ का कॉर्पस फंड स्थापित किया गया है।
कार्यक्रम में प्रमुख उपस्थिति:
इस भव्य समारोह के अवसर पर क्षेत्रीय विधायक मुन्ना सिंह चौहान, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान, दायित्वधारी गीता राम गौड़, मेला समिति के अध्यक्ष नरेश चौहान, महासचिव नरेंद्र तोमर, खुशीराम जोशी, जयपाल सिंह तोमर, शूरवीर सिंह तोमर और बलवीर सिंह नेगी सहित भारी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और सांस्कृतिक कर्मी उपस्थित रहे।



