
खटीमा: उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को एक बार फिर प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई। सीएम धामी ने खटीमा के नगला तराई स्थित अपने निजी आवास परिसर में पौधारोपण किया। इस मौके पर उन्होंने सभी प्रदेशवासियों को त्योहार की बधाई दी और अपील की कि पर्यावरण को बचाना केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि हम सबका सामूहिक कर्तव्य होना चाहिए।
पर्यावरण संरक्षण: हमारी साझी जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि आने वाली पीढ़ियों को एक स्वच्छ और हरा-भरा भविष्य देने के लिए हम सबको मिलकर प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा:
“पर्यावरण की रक्षा सिर्फ सरकार के भरोसे नहीं छोड़ी जा सकती। यह समाज के हर नागरिक की साझी जिम्मेदारी है। हमें सिर्फ पौधे लगाने तक सीमित नहीं रहना है, बल्कि उन्हें एक बच्चे की तरह पालकर बड़ा करने का संकल्प भी लेना होगा।”
सांस्कृतिक पहचान और प्रकृति का मेल
सीएम धामी ने कहा कि हरेला सिर्फ एक त्योहार नहीं है, बल्कि यह उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति और प्रकृति के प्रति हमारे अगाध प्रेम व आस्था का प्रतीक है। यह पर्व हमें याद दिलाता है कि हमारा अस्तित्व इन जंगलों, पहाड़ों और प्राकृतिक संसाधनों से ही है।
‘एक पौधा, एक संकल्प’ अभियान
मुख्यमंत्री ने जनता से इस अभियान का हिस्सा बनने का आग्रह करते हुए कहा कि यदि राज्य का हर व्यक्ति एक पौधा लगाए और उसकी पूरी जिम्मेदारी ले, तो उत्तराखंड पूरे देश के लिए हरियाली और पर्यावरण जागरूकता की एक मिसाल बन सकता है।
यह कदम न केवल पर्यावरण के प्रति मुख्यमंत्री की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, बल्कि आम जनता को भी अपनी जड़ों और प्रकृति से जुड़ने की प्रेरणा देता है।



