Uttarakhand

उत्तराखंड सरकार का बड़ा कदम: युवाओं के लिए शुरू हो रहे स्टार्टअप बूट कैंप…

उत्तराखंड को देश के अग्रणी स्टार्टअप हब के रूप में स्थापित करने और पहाड़ी राज्य के युवाओं में उद्यमिता (Entrepreneurship) व नवाचार (Innovation) को बढ़ावा देने के लिए धामी सरकार एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना पर काम करने जा रही है। उद्योग विभाग की इस खास पहल के तहत राज्यभर में ‘स्टार्टअप बूट कैंप’ का आयोजन किया जा रहा है। इस राज्यव्यापी अभियान के जरिए करीब एक हजार से अधिक प्रतिभावान युवाओं को अपने अनूठे बिजनेस आइडिया और इनोवेटिव विचारों को देश के बड़े विशेषज्ञों के सामने रखने का सीधा मंच मिलेगा।

नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनेंगे युवा
उद्योग विभाग के उपनिदेशक (स्टार्टअप) राजेंद्र कुमार ने इस योजना की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि इसी सप्ताह से प्रदेश के सभी 13 जिलों में इन स्टार्टअप बूट कैंपों की शुरुआत होने जा रही है। उन्होंने कहा: “सरकार का विजन बिल्कुल साफ है। हम उत्तराखंड के युवाओं को सिर्फ नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला (रोजगार सृजक) बनाना चाहते हैं। राज्य के हर जनपद में आयोजित होने वाला एक-एक बूट कैंप वहां के स्थानीय और ग्रामीण अंचलों के प्रतिभाशाली युवाओं को अपनी किस्मत बदलने का मौका देगा।”

आईआईटी और आईआईएम जैसे शीर्ष संस्थान देंगे साथ
इस महा-अभियान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें देश और प्रदेश के शीर्ष तकनीकी व प्रबंधन संस्थान अपनी सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं। इन बूट कैंपों में आईआईटी रुड़की, आईआईएम काशीपुर, यूपीईएस, ग्राफिक एरा, डीआईटी और उत्तरांचल यूनिवर्सिटी समेत राज्य के तमाम सरकारी विश्वविद्यालयों, डिग्री कॉलेजों, पॉलिटेक्निक और आईटीआई के छात्र-छात्राएं हिस्सा लेंगे।

चार कड़े चरणों से गुजरेगी प्रतियोगिता, बेस्ट 10 को ₹1-1 लाख का इनाम
युवाओं के बिजनेस आइडिया को परखने और उन्हें तराशने के लिए इस प्रतियोगिता को कुल चार कड़े चरणों (Four Stages) में डिजाइन किया गया है: शुरुआती दौर: कॉलेज और जिला स्तर पर आइडिया की स्क्रीनिंग होगी। विशेषज्ञों का मार्गदर्शन (Mentorship): अलग-अलग दौर से छंटकर आगे आने वाले प्रतिभागियों को देश के स्थापित आंत्रप्रेन्योर्स और उद्योग जगत के दिग्गजों से सीधे मेंटरशिप और तकनीकी मार्गदर्शन मिलेगा। कड़े मुकाबले के बाद अंतिम चरण में राज्य के सर्वश्रेष्ठ 10 स्टार्टअप्स का चयन किया जाएगा।

पुरस्कार व प्रोत्साहन: चुने गए इन शीर्ष 10 विजेताओं को स्वयं मुख्यमंत्री द्वारा 1-1 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया जाएगा।

₹200 करोड़ का कॉर्पस फंड और ₹10 लाख तक की मदद
सिर्फ पुरस्कार ही नहीं, बल्कि इन आइडियाज को धरातल पर एक सफल कंपनी के रूप में स्थापित करने के लिए सरकार वित्तीय बैकअप भी दे रही है। चयनित स्टार्टअप को कंपनी के रजिस्ट्रेशन, संचालन और शुरुआती खर्चों के लिए सरकार की ओर से 10 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाती है। इसके अलावा, उत्तराखंड सरकार ने राज्य में स्टार्टअप इकोसिस्टम को हमेशा मजबूत बनाए रखने के लिए 200 करोड़ रुपये का एक समर्पित कॉर्पस फंड (Corpus Fund) भी तैयार किया है।

उत्तराखंड में स्टार्टअप्स का सफरनामा (2018 से 2026)
बीते कुछ सालों में उत्तराखंड में स्टार्टअप संस्कृति ने तेजी से रफ्तार पकड़ी है। आंकड़ों पर नजर डालें तो: 1,750 स्टार्टअप्स: साल 2018 से लेकर वर्ष 2026 के बीच राज्य में 1,750 से अधिक सफल स्टार्टअप स्थापित हो चुके हैं, जो अपनी पहचान बना रहे हैं। 33 इनक्यूबेशन सेंटर: युवाओं को हर स्तर पर तकनीकी सहयोग, इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश (Investment) संबंधी बारीकियां सिखाने के लिए राज्यभर में 33 अत्याधुनिक इनक्यूबेशन सेंटर काम कर रहे हैं। यह नई पहल निश्चित रूप से उत्तराखंड के युवाओं के उड़ते पंखों को एक नई और मजबूत उड़ान देने का काम करेगी।

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