
नई दिल्ली: स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) और हालिया विरोध-प्रदर्शनों के बीच राजधानी दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल सीआरपीएफ (CRPF) और उसकी दंगा-रोधी विशेष इकाई आरएएफ (RAF) की 83 कंपनियां 15 अगस्त 2026 तक दिल्ली में तैनात रहेंगी।
गृह मंत्रालय के निर्देशों के तहत, इस बल में सीआरपीएफ की 3 महिला कंपनियां भी शामिल की गई हैं। यह कदम दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर शहर की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को चाक-चौबंद रखने के लिए उठाया गया है।
50 के अलावा 33 और कंपनियां पहुंचीं दिल्ली
राजधानी में पहले से मौजूद सीआरपीएफ की 50 कंपनियों के अलावा 33 अतिरिक्त कंपनियों को दिल्ली में तैनात किया जा रहा है:
- हिंडन एयरपोर्ट पर लैंडिंग: सुरक्षा की समीक्षा के बाद शुक्रवार को जारी आदेशों के तहत सीआरपीएफ की 16 अतिरिक्त कंपनियां हिंडन एयरबेस पहुंचीं, जिनमें 10 कंपनियां सीआरपीएफ और 6 कंपनियां आरएएफ की हैं।
- अत्याधुनिक दंगा-रोधी उपकरण: सीएपीएफ (CAPF) की इन सभी कंपनियों को अत्याधुनिक एंटी-राइट्स गियर्स (दंगा-रोधी उपकरणों), ओपी स्केल आर्म्स और पर्याप्त गोला-बारूद के साथ मुस्तैद रहने का निर्देश दिया गया है।
- आरएएफ की तैनाती अवधि बढ़ी: आरएएफ की 6 पुरानी और 12 नई (कुल 18) कंपनियों को 16 अगस्त 2026 तक दिल्ली में ही तैनात रहने के आदेश दिए गए हैं।
सीजेपी प्रदर्शनों के बाद बढ़ाई गई थी सुरक्षा
गौरतलब है कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विभिन्न छात्र/राजनीतिक संगठनों के विरोध-प्रदर्शनों के मद्देनजर हाल ही में गृह मंत्रालय ने सुरक्षा बलों की 45 कंपनियों को तैनात करने की मंजूरी दी थी।
- शुरुआती तैनाती: प्रदर्शन के दौरान सीआरपीएफ की 24, आरएएफ की 15, बीएसएफ की 3, आईटीबीपी की 1 और एसएसबी की 2 कंपनियां दिल्ली में तैनात की गई थीं, जिन्हें पहले 27 जुलाई तक रुकने का आदेश था।
- समग्र समीक्षा: जंतर-मंतर पर तनाव और आगामी 15 अगस्त के राष्ट्रीय समारोह को देखते हुए गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा रणनीति की समीक्षा की और इन बलों की समय-सीमा बढ़ाते हुए अतिरिक्त कंपनियों को एयरलिफ्ट कर दिल्ली बुलाया।
दिल्ली बॉर्डरों पर बढ़ी निगरानी
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर सहित सभी संवेदनशील क्षेत्रों और दिल्ली से सटे नोएडा-गुरुग्राम बॉर्डरों पर चेकिंग और सुरक्षा चौकसी बढ़ा दी है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सीमावर्ती इलाकों में आने-जाने वाले वाहनों से पूछताछ और तलाशी ली जा रही है।



