
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एक उद्घाटन समारोह में भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के प्रतीक तिरंगे वाले रिबन को काटने से इंकार कर दिया। उन्होंने बुधवार को एक प्रतिष्ठित हस्तशिल्प एवं हथकरघा प्रदर्शनी के उद्घाटन के दौरान लम्बे समय से चली आ रही परंपरा को तोड़ते हुए यह कदम उठाया। अब्दुल्ला ने आयोजकों से अनुरोध किया कि वे रिबन को बिना तोड़े ही खोलें और सुरक्षित रखें।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
उद्घाटन समारोह में तीन रंग-भगवा और हरे रंग की पट्टियों वाला रिबन काटने के लिए जैसे ही मुख्यमंत्री कैंची लेकर आगे बढ़े, उनकी नजर रिबन के रंगों पर पड़ी। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज के प्रतीकात्मक रंगों को काटने के बजाय अपनी कैंची को पीछे किया और रिबन काटने से मना कर दिया। वहीं सोशल मीडिया पर उमर अब्दुल्ला का वीडियो वाइरल हो रहा है कई यूजर्स मुख्यमंत्री की तारीफ करते नजर आ रहे हैं।
श्रीनगर हवाई अड्डे के पास रंगरेठ स्थित इस रेजीमेंटल सेंटर का ऐतिहासिक महत्व भी है जम्मू- कश्मीर लाइट इन्फेंट्री की 15 अप्रैल 1948 की स्थापना हफ्त चिनार में हुई थी सन1993 में इसे रंगरेठ स्थानातरण कर दिया गया। इसे भारतीय सेना के प्रमुख परीक्षण केंद्रों में गिना जाता है।
अनावरण समारोह के बाद मुख्यमंत्री ने रेजिमेंट के योगदान की सराहना की है, उन्होंने कहा कि यह उनके लिए गर्व की बात है कि उन्हें इस स्मारक को राष्ट्र को समर्पित करने का अवसर मिला इसके साथ ही उन्होंने जवानों की सुरक्षा और उनके निरंतर उत्कृष्ट कार्य के लिए भी प्रार्थना भी की है।



