
उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी ने बुधवार को अपने शासकीय आवास पर नगर निगम और विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस बैठक में मसूरी विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में भूमिगत विद्युत लाइन (Underground Cabling) बिछाने के दौरान खोदी गई और क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई।
मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में हिदायत दी कि विकास कार्यों के कारण जनता को असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने प्रभावित सड़कों के सुधारीकरण को प्राथमिकता (Priority) के आधार पर करने के निर्देश दिए हैं.
बैठक के मुख्य बिंदु और कड़े निर्देश
बरसात से पहले काम पूरा करने की चुनौती: मंत्री ने कहा कि चूंकि बरसात का मौसम बेहद नजदीक है, इसलिए सड़कों के पुनर्निर्माण और मरम्मत का कार्य हर हाल में समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि जलभराव या कीचड़ से आम जनता को परेशानी न हो।
इन क्षेत्रों पर रहेगा विशेष फोकस
बैठक में विशेष रूप से आर्यनगर वार्ड, सालावाला और दून विहार क्षेत्र की जर्जर हो चुकी सड़कों को शीघ्र ठीक करने को कहा गया।
आपसी समन्वय की कमी पर नसीहत: कैबिनेट मंत्री ने यूपीसीएल (UPCL) और नगर निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया कि दोनों विभाग आपस में बेहतर तालमेल बिठाकर काम करें, ताकि एक बार सड़क बनने के बाद उसे दोबारा न खोदना पड़े।
बैठक में मौजूद प्रमुख जनप्रतिनिधि और अधिकारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में धरातलीय समस्याओं को रखने के लिए स्थानीय पार्षद और काम की निगरानी के लिए विभागों के आला अफसर मौजूद रहे:
जनप्रतिनिधि: पार्षद भूपेंद्र कठैत, पार्षद योगेश घागट, संजय नौटियाल।
विद्युत विभाग (UPCL): अधिशासी अभियंता अरुण कांत, अधीक्षण अभियंता भावुल जैन। नगर निगम: सहायक नगर आयुक्त विनय प्रताप, अधिशासी अभियंता रचित कोठियाल।



