Uttarakhand

टिहरी झील में जबलपुर जैसा हादसा होने से टला, 22 पर्यटक सुरक्षित रेस्क्यू…

तेज आंधी-तूफान के कारण टिहरी झील में डोबरा-चाटी के पास फ्लोटिंग हटमेंट टूट गए, जिससे 22 पर्यटक फंस गए। एसडीआरएफ टीम ने सभी पर्यटकों को सकुशल रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

टिहरी झील में डोबरा-चाटी के पास शनिवार देर शाम को तेज आंधी-तूफान के कारण फ्लोटिंग हटमेंट टूट गए। जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना पर मौके पर पहुंची एसडीआरएफ की टीम ने 22 पर्यटकों को सकुशल रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचा।

शनिवार रात करीब 8 बजे आपदा कंट्रोल रूम, टिहरी की ओर से एसडीआरएफ टीम को सूचना मिली कि डोबरा-चाटी के पास आंधी-तूफान आने के कारण झील में स्थित फ्लोटिंग हटमेंट टूट गए हैं, जिसमें कई व्यक्तियों के फंसे होने की आशंका है।सूचना मिलते ही एसडीआरएफ पोस्ट कोटी कॉलोनी से उपनिरीक्षक नरेंद्र राणा के नेतृत्व में रेस्क्यू टीम मय आवश्यक उपकरणों के तत्काल घटनास्थल पर पहुंची।

घटनास्थल पर पहुंच कर एसडीआरएफ की टीम ने देखा कि हटमेंट तीव्र आंधी-तूफान आने के कारण क्षतिग्रस्त होकर बह गए थे। एसडीआरएफ टीम की ओर से त्वरित कार्रवाई करते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया।

जिसमें 22 पर्यटकों को फ्लोटिंग हटमेंट से सुरक्षित निकालकर पर्यटन विभाग की बोट के माध्यम से कोटी कॉलोनी पहुंचाया गया। रेस्क्यू किए गए सभी लोग सुरक्षित हैं।

डूब गया था फ्लोटिंग हटमेंट का आधा हिस्सा
टिहरी बांध झील में मई 2019 में फ्लोटिंग हटमेंट का आधे से अधिक हिस्सा झील का जलस्तर कम होने और हवा के दबाव के चलते डूब गया था, जिसे करीब एक सप्ताह बाद निकाला जा सका था।

करीब चार करोड़ की लागत से फ्लोटिंग हटमेंट का निर्माण वर्ष 2015 में पूरा हुआ था। इसमें तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत के कार्यकाल में वर्ष 2018 में कैबिनेट बैठक का भी आयोजन हुआ था।


मुख्यसचिव ने डीएम टिहरी से पूरी घटना का ब्योरा लिया और कमेटी गठित कर पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए। भविष्य में ऐसी घटना न हो इसके लिए सुझाव मांगे गए हैं।

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