
पिछले वर्ष सितंबर में आई आपदा के दौरान मसूरी-देहरादून मार्ग पर शिव मंदिर के पास स्थित पुल क्षतिग्रस्त हो गया था, जिससे मसूरी का संपर्क प्रभावित हो गया था। तत्काल राहत के तौर पर वैली ब्रिज बनाकर यातायात बहाल किया गया, लेकिन स्थानीय लोगों और पर्यटकों की सुविधा के लिए लंबे समय से स्थायी पुल की मांग की जा रही थी।
अब इस दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मसूरी विधायक और कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने 12 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले नए टू-लेन पुल का शिलान्यास किया। चार माह में निर्माण पूरा करने का लक्ष्यइस पुल की खास बात यह है कि इसमें वाहनों के साथ-साथ पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ की भी व्यवस्था की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पुल का निर्माण चार महीने के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए, ताकि लोगों को जल्द राहत मिल सके।
मुख्यमंत्री का जताया आभार,
अन्य परियोजनाओं का भी ऐलानकैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि मसूरी विधानसभा क्षेत्र में 10 करोड़ रुपये की अन्य विकास योजनाओं को भी स्वीकृति मिल चुकी है। इसके अलावा मसूरी-किमाड़ी मार्ग के लिए 14 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। उन्होंने कहा कि जल्द ही मुख्यमंत्री के साथ बैठक कर इन सभी परियोजनाओं का एक साथ शिलान्यास करने का प्रयास किया जाएगा।
पार्किंग और तहसील निर्माण को भी मिली मंजूरी
मंत्री ने जानकारी दी कि मसूरी में 1100 वाहनों की पार्किंग के लिए भी स्वीकृति मिल गई है। इसके साथ ही तहसील भवन के निर्माण को भी हरी झंडी दे दी गई है, जिससे स्थानीय प्रशासनिक सुविधाएं बेहतर होंगी।आपदा में क्षतिग्रस्त सड़कों के जल्द निर्माण के निर्देश आपदा के दौरान मसूरी विधानसभा क्षेत्र की कई सड़कों को नुकसान पहुंचा था। मंत्री ने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए हैं कि भंडार गांव और खाला गांव की सड़कों का निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जाए।
बरसात से पहले होगा काम पूरा
नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने कहा कि मंत्री और मुख्यमंत्री के प्रयासों से यह परियोजना संभव हो पाई है और तय समय में पुल जनता को समर्पित कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि लंढोर बाजार में धंसी सड़क की जांच रिपोर्ट आ चुकी है और जल्द ही उसकी मरम्मत शुरू की जाएगी। साथ ही, बरसात से पहले शहर के सभी नालों की सफाई और मरम्मत का कार्य पूरा किया जाएगा। जल संस्थान की पाइपलाइन से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए भी विभाग से समन्वय किया जा रहा है।



