
शासकीय आवास पर गूंजा पर्यावरण संरक्षण का संदेश
उत्तराखंड के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर देहरादून स्थित अपने शासकीय आवास परिसर में फलदार पौधों का रोपण किया। इस मौके पर उन्होंने न केवल खुद पौधे लगाए, बल्कि आवास पर आए आगंतुकों और स्थानीय लोगों को फलदार पौधे वितरित कर उन्हें प्रकृति की रक्षा करने के लिए प्रेरित किया। मंत्री गणेश जोशी ने इस अवसर पर कहा कि धरती को हरा-भरा बनाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ कल के निर्माण हेतु पौधारोपण को अब एक व्यापक ‘जनआंदोलन’ का रूप देना बेहद जरूरी हो गया है।
“एक दिन का दिखावा नहीं, जीवनशैली बने पर्यावरण”
पौधारोपण के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री गणेश जोशी ने बेहद मार्मिक और जरूरी बात कही। उन्होंने कहा: “पर्यावरण संरक्षण केवल 5 जून यानी किसी एक दिवस तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे हमारी जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बनना होगा। वृक्ष मानव जीवन के प्राण और आधार हैं। यदि हम अपनी आने वाली पीढ़ियों को एक सुरक्षित, स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त वातावरण देना चाहते हैं, तो हमें आज ही खाली जमीनों पर अधिक से अधिक पौधे लगाने होंगे।”
फलदार पौधों से मिलेगी ‘पोषण सुरक्षा’ और बढ़ेगी ‘जैव विविधता’
इस बार कृषि मंत्री ने फलदार पौधों के रोपण पर विशेष जोर दिया। इसके पीछे का वैज्ञानिक और सामाजिक महत्व समझाते हुए उन्होंने बताया कि फलदार पौधे लगाने से दोहरा लाभ होता है। एक तरफ जहाँ ये पेड़ पर्यावरण को शुद्ध करते हैं और जैव विविधता को बढ़ाते हैं, वहीं दूसरी तरफ ये स्थानीय स्तर पर लोगों को फल देकर ‘पोषण सुरक्षा’ (Nutritional Security) भी प्रदान करते हैं। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों से भावुक अपील की कि वे अपने जीवन के हर महत्वपूर्ण अवसर—जैसे जन्मदिन, शादी की सालगिरह या किसी प्रियजन की स्मृति में—कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं और उसके बड़े होने तक उसकी पूरी देखभाल करने का संकल्प लें।
प्रधानमंत्री के ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान की सराहना
कृषि मंत्री ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वैश्विक अभियान ‘एक पेड़ माँ के नाम’ का जिक्र करते हुए कहा कि इस अभियान ने पूरे देश में पर्यावरण के प्रति एक नई अलख जगाई है। हमें इसी भावना से प्रेरित होकर अपनी धरती माँ की सेवा के लिए आगे आना चाहिए और हर नागरिक को इसमें अपना गिलहरी योगदान देना चाहिए।
पारिवारिक मूल्यों को प्रकृति से जोड़ने की अनूठी सीख
मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता की शुरुआत हमारे घर-परिवार से होनी चाहिए। जब हम अपने बच्चों और परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर कोई पौधा लगाते हैं, तो बच्चों के मन में बचपन से ही प्रकृति के प्रति एक गहरा लगाव और जिम्मेदारी का भाव पैदा होता है। यही संस्कार आगे चलकर एक जागरूक समाज का निर्माण करते हैं।
कार्यक्रम में ये गणमान्य लोग रहे उपस्थित
इस गरिमामयी और पर्यावरण हितैषी कार्यक्रम के दौरान कृषि मंत्री के साथ उनकी धर्मपत्नी श्रीमती निर्मला जोशी ने भी पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। इसके अलावा सरकार में दायित्वधारी ज्योति कोटिया, शमशेर सिंह बिष्ट, मुख्य कृषि अधिकारी देवेन्द्र सिंह राणा, मुख्य उद्यान अधिकारी डीके तिवारी, पूर्व प्रधान समीर पुंडीर, मंडल महामंत्री अल्का कुल्हान सहित क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक और पर्यावरण प्रेमी उपस्थित रहे।



