
अमेरिका राष्ट्रीपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि ईरान अपने एनरिच्ड यूरेनियम का भंडार अमेरिका को सौपने के लिए तैयार हो गया है। एनरिच्ड यूरेनियम का इस्तेमाल परमाणु हथियार बनाने में होता है। ट्रम्प ने वाइट हाउस में पत्रकारों से यह भी कहा कि दोनों देश शांति समझौते के काफी करीब हैं। उन्होंने कहा कि अगर यह डील हो जाती है तो की सप्लाई शुरू हो जाएगी, और हालत सामान्य हो जायेंगे। उन्होंने यह भी कहा की अगर समझौता इस्लामाबाद में होता है तो वे पाकिस्तान भी जा सकते हैं। हालाँकि ईरानी मीडिया ने ट्रम्प के दावे को गलत बनाया है और कहा कि की अमेरिकी राष्ट्रपति हवाई किले बना रहे हैं। वही होर्मुज संकट को लेकर आज 40 देशों की वर्चुवल बैठक होगी। फ्रांस और ब्रिटेन इसकी अध्यक्षता करेंगे। यह होर्मुज में नाकाबंदी और उससे दुनिया में तेल और सप्लाई पर असर को लेकर होगी। इस बैठक में अमेरिका शामिल नहीं होगा।
परमाणु हथियार बनाने के बहुत करीब ईरान
यूरेनियम एक ऐसा पदार्थ है, जिससे परमाणु ऊर्जा भी बनाई जा सकती है और परमाणु बम भी। फर्क सिर्फ इस बात से पड़ता है कि उसे कितना एनरिच यानि शुद्ध किया गया है। प्राकृतिक यूरेनियम में काम का हिस्सा बहुत काम होता है, इसलिए उसे मशीनों के जरिये स्टेप बाय स्टेप शुद्ध किया जाता है। इसी प्रक्रिया को यूरेनियम एनरिच्मेंट कहते हैं।
अन्तराष्ट्रीय एजेंसी IAEA की रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान के पास कुल मिलाकर करीब 5 से 6 टन के बीच एनरिचड यूरेनियम मौजूद है। हालाँकि, यह इतना एनरिचड नहीं है कि इससे परमाणु हथियार बन सके। अभी 120 से 130 किलोग्राम के आसपास यूरेनियम को 60 प्रतिशत तक एनरिच्ड किया जा चुका है। अगर यह एनरिचमेंट 90 % तक कर लिया गया तो इससे परमाणु हथियार बनाये जा सकते हैं।


